जानिए जापानियों की कुछ अजीब आदतें जिनको जानकर आप रह जायेंगे दंग देखिये कुछ तस्वीरें…

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2032

आपने अक्सर ही लोगों को कहते सुना होगा कि भई! भारतीय तो होते ही सबसे अलग हैं। ये बात सच भी है। आखिर भारतीय हैं ही सबसे अलग। ऐसा सिर्फ हम ही नहीं कहते बल्कि विदेशियों का मानना भी कुछ ऐसा ही है। यकीन न हो तो आप खुद पूछकर देख लीजिएगा।

मगर इस बीच दुनिया के कुछ देश ऐसे हैं जहां का रहन-सहन और संस्कृति वाकई अलग है। हम बात कर रहे हैं जापान की। जापान की छवि हमेशा से बेहद अनुशासित और एक व्यवस्थित देश की रही है। इसमें एक बड़ा हाथ यहां के रहन-सहन और नियम कायदों का भी है।

जापान वा उदयवर्ष, एशिया महाद्वीप में स्थित देश है। जापान चार बड़े और अनेक छोटे द्वीपों का एक समूह है। ये द्वीप एशिया के पूर्व समुद्रतट, यानि प्रशांत महासागर में स्थित हैं। इसके निकटतम पड़ोसी चीन, कोरिया तथा रूस हैं। जापान में वहाँ का मूल निवासियों की जनसंख्या ९८.५% है। बाकी ०.५% कोरियाई, ०.४% चाइनीज तथा ०.६% अन्य लोग है।

जापानी अपने देश को निप्पन कहते हैं, जिसका मतलब सूर्यनिकास है। जापान की राजधानी टोक्यो है और उसके अन्य बड़े महानगर योकोहामा, ओसाका और क्योटो हैं। बौद्ध धर्म देश का प्रमुख धर्म है और जापान की जनसंख्या में ९६% बौद्ध अनुयायी है

जी हां। कुछ नियम वाकई ऐसे हैं जो पहली बार में तो आपको भी अजीबोगरीब ही लगेंगे। अब देर मत कीजिए। यह स्टोरी पढ़िए। जान लीजिए पूरा मामला।
कुछ इस तरह से दिए जाते हैं बिज़नेस कार्ड्स

जापान में यदि आप किसी के साथ अपना बिज़नेस कार्ड एक्सचेंज कर रहे हैं तो आपको बेहद सावधानी बरतनी पड़ेगी। जापान में इसे बेहद गंभीरता से नोटिस किया जाता है। आइए समझते हैं बिजनेस कार्ड देने का तरीका –

1. कार्ड देते समय दोनों हाथों का इस्तेमाल करें।

2. कार्ड आगे बढ़ाते हुए इस बात का खास ध्यान रखें कि सामने वाले को आपका कार्ड सीधा नज़र आए।

3. यदि आप ओहदे में सामने वाले से छोटे हैं तो अपना कार्ड उनके कार्ड से नीचे ही रखें।

4. कार्ड लेने के तुरंत बाद उसे पढ़ने के लिए कुछ सेकण्ड्स बिताएं।

5. कार्ड देखने के बाद फौरन उसे कार्ड होल्डर में रखें, न कि अपनी जेब में।

और यदि आपके पास कार्ड होल्डर नहीं है तो फिर आपको चिंता करने की जरूरत है।
लिफ्ट में सबसे पहले चढ़ने पर करना पड़ता है ऐसा

लिफ्ट में सबसे पहले चढ़ने पर आपको लिफ्ट इंचार्ज की भूमिका निभानी होती है। यदि आप लिफ्ट में प्रवेश करने वाले पहले व्यक्ति हैं तो लिफ्ट के कण्ट्रोल पैनल के पास खड़े हो जाएँ। सभी के चढ़ने तक लिफ्ट खोलकर रखने की जिम्मेदारी भी आपकी है। ऐसा आपको हर फ्लोर में करना होगा। साथ ही लिफ्ट से निकलने वाले आखिरी व्यक्ति भी आप ही होंगे।

सबवे में बैठने के भी कुछ नियम हैं

जापान में सबवे या मेट्रो का सफर करते हुए शिष्टता के कुछ नियम मानने बेहद जरूरी हैं। आप सफर के दौरान बात नहीं कर सकते। यहां तक कि फोन पर बात करना भी अशिष्टता माना जाता है। साथ ही किसी की ओर देखना भी अच्छा नहीं समझा जाता। मेट्रो में कोई बुजुर्ग व्यक्ति खड़ा दिखाई दे तो उसके लिए जगह छोड़ना सामान्य बातों में शामिल नहीं है। ऐसा बेहद कम अवसरों में होता है। दरअसल महिलाओं, बुजुर्गों व प्रेग्नेंट औरतों के लिए अलग सीटें आरक्षित होती हैं, जिनमें किसी और को बैठने नहीं दिया जाता।

जापानी मेट्रो का एक रूप ऐसा भी

जापान के कुछ सबसे व्यस्त मेट्रो स्टेशनों में ऑफिस समय के दौरान कुछ ऐसा नजारा दिखाई देता है। आपको जानकर हैरानी होगी लेकिन जापानियों के लिए ये बेहद आम है। जैसे मुम्बई वालों के लिए लोकल ट्रेन की भीड़ आम है। यहां अधिक भीड़ होने पर स्टेशन स्टाफ लोगों को ट्रेन के अंदर धक्का देकर दरवाजा बंद होने में मदद करते हुए दिखाई देते हैं। है न एकदम दुर्लभ जापान।

मिलने पर टच करते हुए ग्रीट करना है अशिष्टता

जब आप किसी से मिलते हैं तो आमतौर पर हाथ मिलाते हुए या गले लगते हुए अभिवादन करते हैं। लेकिन जापान में ऐसा करना सही नहीं माना जाता है। यहां किसी को भी टच करना अशिष्टता में गिना जाता है।
पब्लिक में ‘किस’ करना भी बुरा माना जाता है

आपको यूरोपीय देशों में खुलेआम ‘किस’ करते कपल दिख जाएंगे। लेकिन जापान में मामला थोड़ा अलग है। यहां सन 1945 तक पब्लिक में ‘किस’ करना नियमों का उल्लंघन माना जाता था।

पीने के मामले में बेहद आगे हैं जापानी
पानियों की यह बात मुझे बेहद पसंद आई। दिन के समय आप जिस बिज़नेस एग्जीक्यूटिव के साथ सारी फॉर्मेलिटी करते हुए बातें कर रहे थे। रात में उसी के साथ बैठकर आराम से पी सकते हैं। यहां इसे सामान्य माना जाता है। कॉलेज के स्टूडेंट्स अपने टीचर के साथ पैग लगा सकते हैं। बाद में टीचर के टुन्न हो जाने पर वे उन्हें कंधे में उठाकर ले जाते हुए भी नजर आ जाएंगे।

सबसे अच्छी बात यह है कि इतना सब हो जाने के बाद भी अगले दिन सुबह सभी ऐसा बर्ताव करेंगे जैसे कुछ हुआ ही नहीं।
पैसों को लेकर थोड़े शर्मीले भी हैं

जापानी अपने पैसे दूसरों के सामने दिखाना पसंद नहीं करते हैं। इसीलिए यहां पैसों के लेन-देन के लिए अलग-अलग तरह के लिफाफों का चलन है। ऊपर तस्वीर में आपको अलग-अलग मौकों के लिए लिफाफे नजर आ रहे हैं। यहां तक कि सुपर मार्केट में बिल भरते समय भी ये पैसे सीधे केशियर के हाथ में नहीं बल्कि कॉइन बकेट में देते हैं।

कुछ इस तरह से बैठते हैं जापानी

जापानियों के बारे में सबसे ज्यादा आकर्षित करने वाली बात है, उनके बैठने का तरीका। अपने दोनों पैरों को जांघों की तरफ नीचे मोड़कर बैठने के इस अनोखे तरीके को ‘seiza’ कहा जाता है। आपको जानकर हैरानी होगी पर जापानी इस तरह बिना किसी तकलीफ के घंटों बैठ सकते हैं।

हर किसी के बस का नहीं इनकी तरह बैठना

भई! जापानी तो ऐसे घंटों बैठ जाएंगे पर आपके लिए यह शायद असंभव हो। यदि आपको यह आसान लग रहा है तो एक बार आजमा के देख लीजिए। कुछ ही मिनटों में आपके पैर सुन्न पड़ जाएंगे।

‘बो’ करने (झुक कर ग्रीट करने) का अलग महत्व है

इस देश में झुक कर ग्रीट करने का अपना अलग महत्व है। किसी को सम्मान देना हो या माफी मांगनी हो। यही तरीका इस्तेमाल में लाया जाता है। आपको शायद पता न हो, पर यहां झुकने के तरीकों का अलग-अलग मतलब होता है। आइए इसके बारे में भी जान लेते हैं।

1. 15 डिग्री में झुकना – सामान्य अभिवादन।

2. 30 डिग्री तक झुकना – सम्मान के साथ टीचर या बॉस के सामने झुकना।

3. 45 डिग्री में झुकना – ऐसा राजा के सामने या माफी माँगते हुए झुका जाता है।

ये है ‘बेगिंग बो’

यदि आपने कुछ ज्यादा ही बड़ी गलती कर दी है या आपकी जान पर बन आई है, तब इस तरह से झुककर माफी मांगी जाती है। इसे ‘बेगिंग बो’ कहा जाता है। जापान की सैर के दौरान कुछ गलत कर बैठो तो इसे जरूर याद रखना।

कुछ ऐसे करते हैं दूसरों को सम्बोधित

जापान में लोगों का एक दूसरे को सम्बोधित करने का तरीका भी थोड़ा अलग है। यहां केवल नाम से किसी को सम्बोधित करना काफी नहीं है। नाम के अलावा सम्मान के लिए कुछ शब्द भी जोड़े जाते हैं जो व्यक्ति के हिसाब से अलग-अलग होते हैं। आइए इनमें से कुछ के बारे में जान लेते हैं।
सम्बोधित करने के कुछ सामान्य शब्द

1. ‘-kun’ – इसका सामान्य मतलब दोस्त है।

2. ‘-chan’ – नाम के बाद इस शब्द का इस्तेमाल आमतौर पर बच्चों, परिवार की किसी महिला सदस्य, प्रेमी या किसी ख़ास दोस्त के लिए किया जाता है।

3. ‘-sama’ – ये शब्द सम्मान के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। इसकी तुलना अंग्रेजी के ‘lord’ या ‘honorable’ जैसे शब्दों से की जा सकती है।

4. ‘-shi’ – शिष्टतापूर्वक लिखते हुए इसका उपयोग किया जाता है।

गैम्बलिंग के लिए है यह खास नियम

यह शायद आपको थोड़ा अजीब लगे पर जापान में गैम्बलिंग के दौरान असली पैसों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। जी हां, आप कैसिनो में चिप्स के साथ गैम्बलिंग खेलते हुए जीत भी सकते हैं, पर अफसोस इन चिप्स को असली पैसों में नहीं बदल सकते। बहुत हद तक ये ‘Monopoly’ जैसा खेल खेलने की तरह है।

जापान जाने पर रखना याद

ये सारी बातें आपको जापानियों के बीच घुलने-मिलने में बेहद मदद करेंगी। यदि आपको कभी जापान जाने का मौका मिले तो इन्हें जरूर याद रखिएगा।

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