ये हैं वो 26 टॉयलेट सीट्स जिन्हें देखकर लोग प्रेशर भूल मुस्कुराने लगते होंगे, जरा नजर तो डालिए…

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शौचालय (टॉयलेट) का अर्थ उस जगह से है, जहां शरीर की गंदगी को बाहर निकाला जाता है। यानी विसर्जन की जगह। वास्तु शास्त्र में दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम जोन को विसर्जन के लिए बेहतर माना गया है।

वास्तु के क्षेत्र में पिछले 25 सालों से रिसर्च कर रही संस्था ‘महावास्तु’ के संस्थापक खुशदीप बंसल कहते हैं, “यदि शरीर में विसर्जन की प्रक्रिया ठीक तरह से न हो तो शरीर अपने कार्य करने में सक्षम नहीं हो पाता है। दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम जोन उस विसर्जन की गतिविधि को संचालित एवं प्रभावित करता है। इसलिए यहां शौचालय का होना एक आदर्श स्थिति है। शौचालय चाहे कितना भी आकर्षक क्यों न हो, इसका निर्माण ब्रह्मांड के ऊर्जा नियमों के अनुसार नहीं हुआ है तो यह नकारात्मक ऊर्जा निकालता है, जो सीधे तौर पर उस घर की समृद्धि और वहां के निवासियों के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।”

शौचालय के बारे में अकसर ही लोग ज्यादा नहीं सोचते हैं। जबकि किसी घर में शौचालय की जगह सबसे खास होती है। शौचालय अगर गलत दिशा में हो तो यह नकारात्मकता धन के प्रवाह और बच्चों की शिक्षा पर भी असर डालती है और पारिवारिक रिश्तों में अस्थिरता का कारण भी बन सकती है।

महावास्तु के अनुसार शौचालय की गलत और सही दिशाओं का उस घर में रहने वाले लोगों पर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ता है। 16 महावास्तु दिशाओं में अगर शौचालय हों तो इस तरह का प्रभाव पड़ता है:-

टॉयलेट एक ऐसी जगह, जहाँ इंसान को हिमालय की वादियों जैसा सुकून मिलता है। दिमाग के घोड़े तेज गति से दौड़ते हैं। दुनिया बदल देने वाले आइडियाज दिमाग में आते हैं। ज़िंदगी की परेशानियों का हल मिल जाता है। सबसे जरूरी बात इंसान का पेट साफ हो जाता है। वहां से वो संतुष्ट होकर बाहर निकलता है। वैसे आज के समय में बहुत ही कम ऐसी जगहें बची हैं जहाँ इंसान को संतोष मिलता हो।

जाहिर सी बात है कि टॉयलेट में जब इंसान को इतना कुछ मिलता है तो वो उसे ज्यादा से ज्यादा बेहतर बनाना चाहता है। अपने टॉयलेट को बेहतर बनाने के चक्कर में कुछ लोग ऐसा टॉयलेट बना बैठे जो सुकून देने के साथ-साथ लोगों के चेहरे पर हंसी भी ले आते हैं। आज ऐसे ही कुछ अजीबोगरीब टॉयलेट्स की तस्वीरें हम आपके लिए ढूंढकर लाए हैं। उम्मीद है ये तस्वीरें आपको गुदगुदाएंगी।
इसे देखकर तो अक्षय कुमार की ‘टॉयलेट-एक प्रेम कथा’ का सीन याद आ गया।

झूलते-झूलते टॉयलेट का मजा लेने के लिए।

देखिये प्राइवेसी का कितना खयाल रखा गया है।

जिन्हें हर चीज चाहिए बड़ी।

इसे कहते हैं जुगाड़।


सबकुछ खुल्लम-खुल्ला करने वालों के लिए।

बच्चों को डराने के लिए बनाया गया टॉयलेट।

इसकी नजर रहेगी आपकी हर हरकत पर।

क्या आप जाना चाहेंगे यहाँ?


क्योंकि ये आराम का मामला है।

शाही लोगों के लिए बनाया गया टॉयलेट।

विंटेज टॉयलेट।

ये किसी Workaholic इंसान का टॉयलेट मालूम होता है।

डरिये नहीं ये बस टॉयलेट सीट का कवर है।

जरा संभलकर सीट काट न ले।

यहाँ मिलेगा वादियों का मजा।

कमजोर दिल वाले इस टॉयलेट में न जाएं।

ये शार्क है बस देखने में

सीट अगर महसूस कर पाती तो उसका रिएक्शन कुछ ऐसा होता।

यहाँ तो बच्चे बार-बार जाना चाहेंगे।

टॉयलेट में आपका स्वागत है।

क्रिएटिव लोगों का टॉयलेट।

यहां जाने वाले का निकलने का मन ही नहीं होता होगा।

किसी रईसजादे का टॉयलेट।

वाह क्या टॉयलेट सीट है।

अल्ट्रा रिच लोगों का टॉयलेट।

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