इतनी बार और इस समय संबंध बनाने से हो सकते हैं प्रेगनेंट, जरा ध्यान रखिये इन सभी बातो का…

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शादी के कुछ महीने बीते नहीं कि सबसे पहला सवाल ‘और कोई गुड न्यूज है क्या?’ का ही आता है। आजकल तो कपल्स प्लान करके ही बेबी को दुनिया में लाते हैं। प्लानिंग के नाम पर यही फाइनल किया जाता है कि शादी के इतने महीने या साल बाद बेबी के लिए ट्राई करेंगे। मगर प्रेगनेंट होना इतना भी आसान नहीं होता है। किसी के लिए ये पहले ही हफ्ते में हो जाता है तो किसी को महीनों कोशिश करनी पड़ती है।

प्रेग्नेंट होने के लिए सेक्स जितना जरुरी है उतना सेक्स कब करना चाहिए की प्रेग्नेंट हो ये भी पता होना चाहिए . सेक्स कब करे की प्रेग्नेंट हो इस बात का नदरअंदाज करने से आप प्रेग्नेंट होने में ज्यादा परेशानी आती है .

ऐसा पाया गया है की ज्यादातर पति पत्नी को ये पता ही नहीं रहता की सेक्स करने का बेस्ट समय क्या है जिस के कारण पत्नी प्रेग्नेंट हो यानिकि पत्नी गर्भवती हो. अगर अपने सही समय पर सेक्स किया तो आपको बच्चा पैदा करने में कोई दिक्कत नहीं आएगी.

यदि आप समझ लेंगे कि गर्भ धारण करने लिए कितनी बार और किस तरह संबंध बनाने चाहिए तो आपको इस तरह महीनों तक कोशिश नहीं करनी पड़ेगी। कपल्स को आमतौर पर इस बारे में ज्यादा नॉलेज नहीं होता है, इसलिए वो कुछ गलतियां भी कर देते हैं। इससे मामला और भी बिगड़ जाता है।

आखिर किस समय और कितनी बार संबंध बनाए जाए कि आपकी प्लानिंग के हिसाब से आप प्रेगनेंट हो सके। इस पर करते हैं बात।
कैसे होते हैं प्रेगनेंट?

जब मेल रिप्रोडक्टिव सेल ‘स्पर्म’ महिला के ओवरी में मौजूद अंडे से मिलता है और उसे फर्टिलाइज करता है, तभी कोई महिला गर्भवती होती है।

कितनी बार बनाए संबंध?

एक पेरेंटिंग वेबसाइट ने 1,194 पेरेंट्स पर एक स्टडी की थी। इस स्टडी में उन्होंने जानने की कोशिश की कि जो कपल्स बेबी प्लान करना करना चाहते थे, उन्होंने कितनी बार संबंध बनाए थे।

यह आंकड़ा आया सामने

इस स्टडी के अनुसार जब कपल्स ने पेरेंट्स बनने की ठानी तो औसतन 78 बार संबंध बनाने के बाद उन्हें सक्सेस मिली। ऐसा उन्होंने छह महीने में किया यानी एक महीने में 13 बार संबंध बनाए।

यह पोजीशन बेस्ट

कुछ लोगों का मानना है कि गर्भधारण होना पोजीशन पर भी निर्भर करता है। लगभग तीन-चौथाई लोगों ने मिशीनरी पोजीशन को बेस्ट माना। जबकि 36% कपल्स ने डॉगी स्टाइल को फॉलो किया।

अब करते हैं गर्भधारण के लिए सही समय की बात।
‘ओवुलेशन’ पीरियड बेस्ट

एक्सपर्ट्स की माने तो ‘ओवुलेशन’ को समझना और इसके पांच दिन पहले और इस दिन सेक्स करने से गर्भधारण की संभावना बहुत बढ़ जाती है।

क्या होता है ‘ओवुलेशन’?

‘ओवुलेशन’ किसी भी महिला के मासिक धर्म का बहुत महत्वपूर्ण समय होता है। यह वो प्रोसेस होती है, जिसमें मैच्योर एग ओवरी से रिलीज होता और फर्टिलाइज होने के लिए तैयार रहता है।

इतनी होती है लाइफ

‘ओवुलेशन’ प्रोसेस में रिलीज हुआ एग 12-24 घंटों तक फर्टिलाइज हो सकता है। वही पुरुष का स्पर्म इंटरकोर्स के बाद महिला के रिप्रोडक्टिव सिस्टम में पांच दिन तक रह सकता है।

बेस्ट चांस

प्रेगनेंट होने के सबसे ज्यादा चांसेस तब होते हैं, जब ओवुलेशन के दौरान स्पर्म Fallopian tube में पहले से ही मौजूद होता है।

कब होता है ओवुलेशन?

28 दिनों के मासिक धर्म में ओवुलेशन आमतौर पर अगले पीरियड्स की शुरुआत से 14 दिन पहले होता है। वही अधिकतर महिलाओं में ओवुलेशन मासिक धर्म के मिडपॉइंट के चार दिन पहले या बाद में होता है।

बनाए कैलेंडर

कई महिलाओं की मासिक साइकिल बिल्कुल 28 दिनों की नहीं होती है। ऐसे में ये महिलाएं एक मेंस्ट्रुएशन कैलेंडर की मदद से साइकिल की लंबाई और मिड पॉइंट का अंदाजा लगा सकती है।

वैजाइनल सेक्रेशन से जाने

मेंस्ट्रुएशन कैलेंडर के अलावा ओवुलेशन का अंदाजा लगाने के और भी तरीके होते हैं। इनमें से एक वैजाइनल सेक्रेशन पर ध्यान देना है। ओवुलेशन से पहले वैजाइनल सेक्रेशन साफ, नम और लचीला हो जाता है।

बाद में होता है यह

ओवुलेशन के तुरंत बाद सर्वाइकल म्यूकस कम हो जाता है और यह मोटा, धुंधला व अदृश्य सा हो जाता है।

तापमान में फर्क

शरीर के बेसिक तापमान (आराम की अवस्था में शरीर का तापमान) पर नजर रखकर भी ओवुलेशन का अंदाजा लगाया जा सकता है। रोजाना सुबह बेड से निकलने से पहले शरीर के तापमान को जांचे। तापमान बढ़ने के 2-3 दिन पहले तक कोई भी महिला सबसे ज्यादा फर्टाइल होती है।

होते हैं कई टेस्ट

जिस तरह कई ‘प्रेगनेंसी टेस्ट’ किट मार्केट में मौजूद हैं। उसी तरह ओवुलेशन डिटेक्शन टेस्ट भी किए जा सकते हैं। इसके लिए मार्केट में बाकायदा ओवुलेशन किट भी उपलब्ध होती है।

वजन भी सही

एक्सपर्ट्स का यह भी मानना है कि ओवरवेट और अंडरवेट महिलाओं में ओवुलेशन डिसऑर्डर का खतरा अधिक होता है। किसी भी महिला के लिए अपना वजन बैलेंस रखना जरूरी है।

इन सब पॉइंट्स को पढ़ने के बाद आपके कई सारे डाउट्स क्लियर हो गए होंगे। फिर भी कोई कदम उठाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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