बॉलीवुड की वो पहली अभिनेत्री जिसने अपनी बोल्‍डनेस से छुड़ा दिए थें बड़े-बड़े लोगों के पसीने…

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अगर हम बात करें फिल्‍मी जगत के 70-80 के दशक की अदाकारा की तो उस समय की टॉप अभिनेत्री की लिस्‍ट में शामिल होना कम बड़ी बात नहीं थी। जी आज हम बात कर रहे हैं उस अभिनेत्री की जिन्‍होंने फिल्‍मी जगत में 15 साल की उम्र में कदम रखा और ऐसी सफलता हासिल की जो शायद ही कोई कर पाता।जी हाँ हम बात कर रहे है जीनत अमान की|

ज़ीनत अमान का जन्म 1951 में मुंबई में हुआ (तब बॉम्बे कहा जाता है) अमानुल्ला खान उनके पिता अमानुल्लाह खान, भोपाल राज्य शासक परिवार से संबंधित थे। वह मुगल-ए-आज़म और पकेज़ह जैसी फिल्मों के लिए एक स्क्रिप्ट लेखक थे। अमानुल्लाह खान ने अक्सर ‘डेम’ प्लम ‘अमन’ के तहत लिखा था जिसे उन्होंने बाद में स्क्रीन पर अपने दूसरे नाम के रूप में अपनाया था। अमान 13 साल की उम्र में उसकी मृत्यु हो गई। उसकी माँ ने एक जर्मन आदमी का पुनर्विवाह किया जो कि हेन्ज़ नामक है। ज़ीनत अमान की मां का नाम चन्दा (वर्धिनी) हेन्ज़ है। अमन की मां ने जर्मन नागरिकता प्राप्त की वह अभिनेता रजा मुराद और अभिनेता मुराद की भतीजी का चचेरा भाई है।

अमान ने पंचगनी में अपनी पढ़ाई की और छात्र सहायता पर आगे के अध्ययन के लिए लॉस एंजिल्स के दक्षिणी कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में गए, लेकिन वह अपनी स्नातक स्तर की पढ़ाई पूरी नहीं कर पाई। भारत लौटने पर, उन्होंने पहले फ़ेमिना के लिए एक पत्रकार के रूप में नौकरी की और तब मॉडलिंग पर चले गए। 1 9 66 में उन्होंने ताजमहल चाय के लिए तैयार किए गए पहले कुछ ब्रांडों में से एक थी। वह मिस इंडिया प्रतियोगिता में दूसरी धावक थी और 1970 में मिस एशिया प्रशांत जीतने चली गई।

बॉलीवुड में मॉडर्न वूमन के कॉन्सेप्ट को जीनत अमान ने स्थापित किया जी हां उस जमाने में जीनत अमान ने फिल्मों में बोल्डनेस का ऐसा तड़का लगाया कि सभी के होश उड़ गए। उनकी ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ से लेकर ‘कुर्बानी’तक फिल्में ऐसी ही थी जिनमें उनकी ब्यूटी ने फिल्मों को चलाने में अहम भूमिका निभाई है।

बताया जाता है कि उस दशक में अभिनेता 50 साल के होकर फ़िल्में करते थे वहीँ अभिनेत्रियाँ 30 से पहले ही रिटायर कर दी जाती थीं, लेकिन अब समय बदल चुका है। जीनत अमान अब वैसी नहीं रह गई हैं जैसी पहले थीं इसके पीछे का वजह खुद उनके पति ही हैं। कहा जाता है कि वे संजय खान से प्यार करती थीं और दोनों इश्क में गले तक डूबे थे लेकिन संजय खान शादीशुदा थे और तीनों बच्चों के पिता भी।

जीनत अमान संजय खान से बेहद प्यार करती थीं, लेकिन संजय खान उन पर उस तरह से भरोसा नहीं करते थे इसका उदाहरण ‘अब्दुल्ला’ की शूटिंग के दौरान आपको देखने को मिल सकता है। कहा जाता है कि वे लोनावाला में बी.आर. चोपड़ा की फिल्म की शूटिंग कर रही थीं वहां संजय खान का कॉल आया। संजय उनसे ‘अब्दुल्ला’ के एक गाने के रीशूट की बात कर रहे थे लेकिन जीनत अपने कमिटमेंट्स की बात कर रही थीं।

आपको बता दें कि इतना ही नहीं, साल 1970 में वह मिस एशिया पैसिफिक का टाइटल भी अपने नाम करा चुकी थीं। उनकी बोल्डनेस और खूबसूरती ने लाखों लोगों का दिल चुरा लिया था। बता दें कि जीनत अमान ने बॉलीवुड में आकर मानों जैसे पूरा ट्रेंड ही बदल कर रख दिया था उनके आने के बाद जो हीरोइनें साड़ी सूट में नज़र आती थीं वो भी वेस्टर्न कपड़ों में दिखने लगी।

ज़ीनत के पिता अमानुल्लाह खान स्क्रिप्ट राइट थे और बतौर सहायक उन्होंने ‘मुगल-ए-आज़म’ और ‘पाकीज़ा’ जैसी फिल्मों की स्क्रिप्ट लिखी। वे अमान नाम से लिखते थे। कहा जाता है कि जीनत अमान उस समय की फैशन आइकॉन मानी जाती थीं। उनके इंडस्ट्री में आने से सभी हीरोइनों का ड्रेसिंग स्टाइल जो बदल गया था। खूबसूरती में भी उस समय किसी भी हीरोइन का कोई जोड़ नहीं था।

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